टाटा स्टील ने ग्रीन फ्यूचर की शुरुआत की, लुधियाना ईएएफ प्लांट ने कम की 75% कार्बन डाइऑक्साइड
लुधियाना : लुधियाना में टाटा स्टील का नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) प्लांट, टिकाऊ स्टील निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। लगभग ₹3,200 करोड़ के निवेश से निर्मित और प्रति वर्ष 0.75 मिलियन टन की क्षमता वाले इस प्लांट में 100 प्रतिशत री- साइक्लिंग क्लीन स्टील का उपयोग किया जाता है। इसे प्रति टन स्टील पर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को लगभग 75% तक कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो कंपनी के ‘नेट ज़ीरो 2045’ लक्ष्य को पूरा करने में सहायक है। इसकी तुलना में, पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस प्रक्रिया से 1 टन क्रूड स्टील बनाने में लगभग 2.2 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस में बने स्टील के सरिए नई तकनीकों से तैयार किए जाते हैं और ये भारतीय मानक ब्यूरो के सभी मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए, टाटा स्टील ने लुधियाना ईएएफ प्लांट के पहले स्टील की ई-नीलामी से ₹55 लाख जुटाए। इस नीलामी की शुरुआत ₹9.5 लाख के आधार मूल्य (बेस प्राइस) से हुई, और इसमें पूरे भारत से टाटा स्टील के वितरकों ने बोली लगाई। नीलामी से प्राप्त पूरी राशि मोहाली स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र को दान कर दी गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों को सहयोग मिलेगा।
यह दिखाता है कि टाटा स्टील पर्यावरण और समाज दोनों पर एक साथ ध्यान दे रही है।




