गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 2 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

 

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अंतर्गत  थाना सेक्टर-126 नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से 09 भारतीय पासपोर्ट, 04 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 07 फर्जी जॉब पम्पलेट, 07 फर्जी एयरलाइन टिकट, 09 फर्जी वीज़ा प्रिंटआउट तथा धोखाधड़ी से अर्जित 73,500 रुपये नगद बरामद किए गए हैं।

 

 

 

घटना का संक्षिप्त विवरण

 

दिनांक 27.02.2026 को एक वादी ने थाना सेक्टर-126 नोएडा में उपस्थित होकर सूचना दी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी विदेशी नौकरी विज्ञापन दिखाकर उससे लगभग 1,50,000 रुपये की ठगी की गई। तहरीर के आधार पर थाना सेक्टर-126 पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

 

 

 

 पुलिस कार्रवाई

 

दिनांक 27.02.2026 को थाना सेक्टर-126 नोएडा पुलिस टीम ने लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से मुकदमे से संबंधित दो अभियुक्तों को DMI टी-प्वाइंट से सुपरनोवा बिल्डिंग सेक्टर-94 जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया।

 

गिरफ्तार अभियुक्त

 

1. नियाज अहमद उर्फ अरमान पुत्र साजिद अली, निवासी ग्राम बड़हरा बरईपार, थाना श्यामदेउरूवा, जिला महाराजगंज (वर्तमान पता: बाटला हाउस, जामिया नगर, दिल्ली), उम्र 43 वर्ष

2. राजू शाह पुत्र राम प्रवेश शाह, निवासी ग्राम शेरपुर, जिला सीवान, बिहार (वर्तमान पता: मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा), उम्र 33 वर्ष

 

 

 

बरामदगी का विवरण

 

* 09 भारतीय पासपोर्ट

* 04 मोबाइल फोन

* 01 लैपटॉप

* 07 फर्जी विदेशी नौकरी विज्ञापन दस्तावेज

* 07 फर्जी एयरलाइन टिकट प्रिंटआउट

* 09 फर्जी वीज़ा प्रिंटआउट

* 73,500 रुपये नगद

 

 

अपराध करने का तरीका

 

अभियुक्त संगठित व सुनियोजित तरीके से ठगी करते थे।

 

* लैपटॉप से विदेशी कंपनियों के नाम पर आकर्षक फर्जी नौकरी विज्ञापन तैयार करते थे।

* व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक आदि प्लेटफॉर्म के जॉब ग्रुपों में जुड़कर फर्जी पम्पलेट प्रसारित करते थे।

* ऊंची सैलरी, फ्री वीज़ा, फ्री टिकट और तत्काल जॉइनिंग का लालच देते थे।

* केवल व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बात कर अपनी पहचान व लोकेशन छुपाते थे।

* फर्जी ऑफर लेटर, वीज़ा और टिकट भेजकर विश्वास जीतते थे।

* प्रोसेसिंग फीस, वीज़ा चार्ज, मेडिकल, एम्बेसी अप्रूवल व टिकट कन्फर्मेशन के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।

* वीज़ा प्रक्रिया के बहाने पीड़ितों के मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में रख लेते थे।

 

जांच में पता चला कि अभियुक्त कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जॉब ग्रुपों से जुड़े थे और अब तक 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। प्रारंभिक जांच में लगभग 70 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है।

 

पंजीकृत अभियोग / आपराधिक इतिहास

 

अभियुक्त नियाज के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धोखाधड़ी, कूटरचना व गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं।

साथ ही वर्तमान प्रकरण में थाना सेक्टर-126 नोएडा पर बीएनएस व आईटी एक्ट की धाराओं में अभियोग पंजीकृत

है

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