₹30000 करोड़ की कैसे बचत करेगा गंगा एक्सप्रेसवे? माल ढुलाई और कारोबार की बदलेगी तस्वीर; किसे होगा फायदा

नई दिल्ली| उत्तर प्रदेश का 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) अब सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की नई ताकत बनकर उभर रहा है। सरकार और उद्योग जगत का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पूरे प्रदेश में माल ढुलाई तेज होगी, ट्रांसपोर्ट खर्च घटेगा और हर साल करीब 25 से 30 हजार करोड़ रुपए तक की लॉजिस्टिक्स बचत हो सकती है।

यह छह लेन का एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और जरूरत पड़ने पर इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। यह रास्ता 12 जिलों से होकर गुजरता है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर माना जा रहा है।

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