प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 हटाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना साकार किया: Defence Minister Rajnath Singh

लखनऊ : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक दुनिया के 29 देशों का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है, जो भारत के बढ़ते वैश्विक सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन देश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती भी है। उन्होंने उन्हें नमन करते हुए कहा कि बीते एक दशक में भारत जिन मूल मंत्रों के साथ आगे बढ़ा है, उनमें महान विभूतियों की प्रेरणा और उनकी स्मृतियों का संरक्षण शामिल है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल में स्थापित तीन महापुरुषों की प्रतिमाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का विचार देने वाले पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रेरणा से एनडीए सरकार गरीब कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

राजनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि लखनऊ संसदीय क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने अटल जी के विनोदी स्वभाव से जुड़ा एक प्रसंग भी साझा किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश में महंगाई दर एक प्रतिशत से नीचे आई है और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भारत की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब भारत बोलता है तो दुनिया ध्यान से सुनती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों के लिए बड़े पैमाने पर काम हुआ है। पहले मनरेगा में धांधली होती थी, लेकिन अब रोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं और 100 दिन के स्थान पर 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

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