छात्र मानसिक स्वास्थ्य: Supreme Court ने कैंपस में आत्महत्याओं को रोकने के लिए 15 दिशानिर्देश जारी किए

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आत्महत्या की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो महीने के भीतर निजी कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण कराने समेत 15 बाध्यकारी निर्देश जारी किए।न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के अभ्यर्थी 17 वर्षीय एक छात्र की मृत्यु के मामले में सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए।

Supreme Court

विशाखापत्तनम में छात्र की अपने छात्रावास की छत से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। यह दुखद घटना जुलाई में विशाखापत्तनम स्थित आकाश-बायजू संस्थान में हुई थी। पीठ ने मृतक के पिता सुकदेब साहा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ये दिशानिर्देश जारी किए। शीर्ष अदालत ने कार्यान्वयन, निरीक्षण और शिकायतों की निगरानी के लिए जिला मजिस्ट्रेटों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समितियों के गठन का भी आदेश दिया।

अदालत ने इसके अलावा केंद्र सरकार को 90 दिनों के भीतर एक हलफनामा दाखिल कर अनुपालन के संबंध में जानकारी देने का भी निर्देश दिया।

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