“नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की बड़ी कार्रवाई – एक साल में हजारों गिरफ़्तार, ड्रग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार”

पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान “युद्ध नशे के विरुद्ध” के एक वर्ष पूरा होने पर बड़ी सफलता का दावा किया है। सरकार के अनुसार, इस दौरान राज्यभर में ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर व्यापक कार्रवाई की गई और हजारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में कई बड़े तस्करों को पकड़ा गया तथा भारी मात्रा में हेरोइन, अफीम, सिंथेटिक ड्रग्स और नकदी बरामद की गई।

सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इसके तहत सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय तस्करी चैनलों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। कई मामलों में ड्रग सप्लाई से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि सख्त कानून और निरंतर अभियान से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही सरकार युवाओं के पुनर्वास पर भी ध्यान दे रही है। राज्य में नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि युवा नशे से दूर रहें।

हालांकि विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि जमीनी स्तर पर अभी भी नशे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसके बावजूद सरकार का दावा है कि पिछले एक वर्ष में की गई कार्रवाई ने ड्रग माफिया की कमर तोड़ने का काम किया है और आगे भी यह अभियान और तेज किया जाएगा।

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