भाजपा की हैट्रिक को कैसे रोक पाएगी सपा-कांग्रेस? विपक्ष के सामने नई चुनौती
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अब कुछ महीनों का ही समय बचा है। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की आस में भाजपा विकास और मजबूत कानून व्यवस्था का मॉडल जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, तो विपक्ष की कोशिश है कि कोई मुद्दा खड़ा कर भगवा दल का विजय रथ रोका जाए। जातीय समीकरणों के सहारे भाजपा को घेरने की विपक्ष की तैयारी भले ही हो, लेकिन फिलहाल मुद्दे के नाम पर उसके हाथ खाली दिखाई दे रहे हैं।
सपा और कांग्रेस अब तक मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को ही सरकार के खिलाफ हथियार के रूप में धार देने के प्रयास में जुटी थी, लेकिन बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसके विफल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने भी एसआईआर के वार की धार कुंद करने की परिस्थितियां बना दी हैं। अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं।





