ईरान के लिए आज कयामत की रात, अमेरिका की चेतावनी- आसमान से होगी बारूद की बारिश
वाशिंगटन/तेल अवीव -: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार ईरान के लिए अब तक का सबसे भीषण दिन साबित हो सकता है और अमेरिकी हमले और तेज किए जाएंगे।

पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेगसेथ ने कहा कि ईरान पर अब तक के सबसे जोरदार हमले किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की संख्या सबसे कम रही है, जिससे संकेत मिलता है कि उसकी हमला करने की क्षमता कमजोर पड़ रही है, हालांकि तेहरान अभी भी संघर्ष जारी रखने की बात कर रहा है।
इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इजरायल ईरान की सैन्य ताकत को लगातार कमजोर कर रहा है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इस युद्ध का उद्देश्य ईरान की मौजूदा सत्ता को हटाना और वहां के लोगों को दमन से मुक्ति दिलाना है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। Qatar Ministry of Defence ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कतर की ओर बढ़ रही एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद नागरिकों को एहतियात के तौर पर घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। वहीं United Arab Emirates ने भी ईरान से संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए अपनी वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। इस बीच ईरान के एक सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को चेतावनी भी दी है।
युद्ध को लेकर अलग-अलग संकेत
ट्रंप के बयानों ने भी वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने युद्ध की अवधि को लेकर अलग-अलग संकेत दिए हैं, जिससे अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों और शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान युद्धविराम की मांग कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि तेहरान ने किसी तरह के युद्धविराम का अनुरोध नहीं किया है।
अमेरिका के तीन मुख्य सैन्य लक्ष्य
उधर अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष Dan Caine ने भी युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अब 11वें दिन में पहुंच चुका है और अमेरिकी सेना के तीन प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। जनरल केन के मुताबिक पहला लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है। दूसरा उद्देश्य उसकी नौसेना को कमजोर करना और तीसरा लक्ष्य ईरान के सैन्य ठिकानों के भीतर तक कार्रवाई करना है। उनके इस बयान से संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर सकता है।




