वर्ण में भेदभाव से समाज व राष्ट्र को नुकसान : मोहन भागवत
मोहन भागवत ने अहमदाबाद में कहा कि वर्ण व्यवस्था के आधार पर भेदभाव गलत है, यह धर्म और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि धर्म का पालन आचरण में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सब बनना चाहते हैं, दाउद कोई नहीं बनना चाहता, जैसा बनना है वैसा आचार विचार रखना पड़ेगा। मोहन भागवत ने गुरुवार को अहमदाबाद में स्वामीनारायण संप्रदाय के एक समारोह में कहा कि धर्म की रक्षा उसके पालन में है और उसके लिए सामाजिक समरसता जरूरी है। धर्म में भेदभाव से समाज व राष्ट्र का नुकसान होता है।




