AAP की आवाज दबाने के लिए हमारे नेताओं के खिलाफ झूठे तरीके से केस किए गए: गोपाल इटालिया

आज आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश कार्यालय में विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट द्वारा एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। विधायक गोपाल इटालिया ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे देश में जनता द्वारा चलने वाली व्यवस्था को लोकतंत्र कहा जाता है और लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की समान आवश्यकता होती है। यदि सत्तापक्ष के सामने विपक्ष न हो, तो सत्ता निरंकुश हो जाती है और जनता को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले लिए जाते हैं। ऐसे फैसलों का विरोध करने के लिए विपक्ष की व्यवस्था की गई है। विपक्ष जब विरोध करता है, तभी जनता के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।
आगे विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी वर्तमान में देश की एक राष्ट्रीय पार्टी है और तीन राज्यों में उसके विधायक हैं, साथ ही कई स्थानों पर जिला पंचायत, तालुका पंचायत और महानगरपालिकाओं में भी उसके सदस्य हैं। गुजरात में विसावदर में जनता ने आम आदमी पार्टी को बड़ी जिम्मेदारी दी, तभी से भाजपा के पेट में दर्द हुआ है। विधायक, सांसद, मंत्री, माफिया, गुंडे और बूटलेगर—सभी मिलकर विसावदर के चुनाव में आम आदमी पार्टी और विसावदर के किसानों को हराने के लिए निकले थे, लेकिन विसावदर के किसानों ने उन सभी को शर्मनाक हार दी। इसके बाद से भाजपा आम आदमी पार्टी के प्रति बदले की भावना रख रही है। विसावदर चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने किसानों के मुद्दों, युवाओं के मुद्दों और कई अन्य मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाई। वर्तमान में आम आदमी पार्टी के नेता राजूभाई करपड़ा, प्रवीण राम और हरेश सावलिया किसानों के मुद्दों पर आवाज उठा रहे थे, तो उनके खिलाफ झूठे केस कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
सूरत में हमारे कार्यकर्ता श्रवण जोशी पर 5 अक्टूबर को पहली एफआईआर हुई और एक सप्ताह के भीतर 13 तारीख को दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद श्रवण जोशी को पासा के तहत जेल में डाल दिया गया। केवल एक सप्ताह में एक के बाद एक एफआईआर, फिर पासा और तुरंत जेल की कार्रवाई की गई। जूनागढ़ में हमारे नेता हरेश सावलिया पर 27 दिसंबर को एक एफआईआर की गई और दूसरी एफआईआर 30 दिसंबर को की गई, और उन्हें भी इसी तरह पासा के तहत अहमदाबाद की जेल में भेज दिया गया है। राजूभाई करपड़ा और प्रवीण राम पर 13 अक्टूबर को एक झूठी शिकायत की गई और उसके बाद 15 दिनों की अवधि में 1 नवंबर को दूसरी शिकायत दर्ज की गई। एक ओर गुजरात में यदि गुंडों, माफियाओं, वसूलीबाजों, सूदखोरों और भूमाफियाओं के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत देने जाएं, तो शिकायत नहीं ली जाती और लोग धक्के खाकर थक जाते हैं और अंत में उस मुद्दे को छोड़ देते हैं। गुजरात में गुंडों और माफियाओं के खिलाफ शिकायत लिखने के लिए कोई तैयार नहीं है, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ तीन दिन में, एक सप्ताह में दो शिकायतें दर्ज हो जाती हैं। और 15–20 दिनों के भीतर शिकायत ले ली जाती है, गिरफ्तारी कर ली जाती है, रिमांड ले लिया जाता है और सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। यदि इतनी ही तेजी से माफियाओं और गुंडों को पकड़ने की कार्रवाई की जाती, तो गुजरात की जनता आज एक शांत और सुरक्षित माहौल में जी रही होती।
हम डरने वाले नहीं, बल्कि लड़ने वाले लोग हैं। हम भाजपा की गुंडागर्दी और तानाशाही के खिलाफ लड़ते रहेंगे और विपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। आज आम आदमी पुलिस में शिकायत करने से भी डरता है और हमने यह भी देखा है कि कई जगहों पर बूटलेगरों ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ा दी है। कई स्थानों पर माथाभारी लोग खुलेआम तलवारें लेकर घूमते हैं और गुजरात की भाजपा सरकार को चुनौती देते हैं कि “गुंडों का सरकार क्या बिगाड़ लेगी?” गुंडों के खिलाफ कुछ नहीं कर पाने के कारण सरकार मेरे जैसे विपक्ष के नेताओं को जेल में डालने की साजिश रचती है। लेकिन हमें विश्वास है कि गुजरात की जनता आने वाले चुनावों में आम आदमी पार्टी को आशीर्वाद देगी और भाजपा सरकार को सबक सिखाने का काम करेगी।




