इस क्षेत्र के 35 से 40 गांवों में बसों की व्यवस्था नहीं है : चैतर वसावा

 

आज कदवाल-वडोद में आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा, छात्र नेता युवराजसिंह जाडेजा सहित कार्यकर्ता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए AAP विधायक चैतर वसावा ने कहा कि कदवाल गांव में आयोजित आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभा में छोटाउदेपुर जिले के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। कदवाल नया निर्मित तालुका है, 2 अक्टूबर को इसे नए तालुका के रूप में घोषित किया गया था।

चार महीने बीत जाने के बावजूद वहां के अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ नहीं है, वहां संसाधन नहीं हैं, तालुका पंचायत घोषित की गई है वहां पर्याप्त स्टाफ नहीं है, मामलतदार कार्यालयों में कोई काम नहीं कर रहा है, इसी तरह सिंचाई कार्यालय हो, मार्ग-मकान कार्यालय हो, मनरेगा कार्यालय हो, कोई उपस्थित नहीं रहता और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज हमें कई प्रस्तुतियां मिली हैं, इसी तरह वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वर्षों से दावे किए गए हैं, फिर भी वे पेंडिंग हैं। आज भिकापुर से ऊपर के जो भी गांव हैं, 35 से 40 गांवों में आज बस की सुविधाएं नहीं हैं, कई गांवों में जाने के लिए सड़क की भी सुविधा नहीं है। एक तरफ सरकार आज़ादी का अमृत महोत्सव, गौरव यात्रा, विकास सप्ताह मना रही है, लेकिन दूसरी तरफ इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के 30 वर्षों के शासन में कोई विकास नहीं हुआ है, इसलिए लोगों में भारी आक्रोश है। मनरेगा में रोजगार नहीं है, नल से जल में पानी नहीं है, इन सभी मुद्दों पर आज लोगों ने हमें प्रस्तुतियां दी हैं। इन सभी प्रस्तुतियों को हम आने वाले विधानसभा बजट सत्र में सरकार के समक्ष रखेंगे। यदि सरकार कदवाल और छोटाउदेपुर के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो हम सभी लोगों को गांधीनगर विधानसभा बजट सत्र के समय बुलाएंगे और आवश्यकता पड़ी तो विधानसभा का घेराव भी करेंगे।

AAP विधायक चैतर वसावा ने आगे कहा कि अब तक संविधान के अनुच्छेद 335 के तहत आदिवासी उम्मीदवारों को 15 प्रतिशत आरक्षण मिला है। 100 प्रतिशत में से 15 प्रतिशत पद आदिवासियों से ही भरे जाने होते हैं। इसी बीच 18/05/2023 को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा एक परिपत्र जारी किया गया, जिसमें आरक्षित सीटों के लिए भी न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य कर दिए गए हैं। इस निर्णय के कारण 100 प्रतिशत ST आरक्षित की कई सीटें खाली रह जाती हैं और बाद में उन सीटों को अन्य जातियों के उम्मीदवारों से भर दिया जाता है, जिससे ST समाज के लोगों के साथ भारी अन्याय होता है। इस विषय में राज्य सरकार को पहले भी प्रस्तुतियां दी गई थीं, फिर भी आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अब एक बार फिर सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि अगले 15 दिनों में 40 प्रतिशत कटऑफ अंकों का यह परिपत्र रद्द नहीं किया गया तो ST समाज के सभी उम्मीदवारों को गांधीनगर बुलाकर विधानसभा का घेराव करेंगे। पूर्व वन मंत्री पर लगाए गए आरोप को लेकर विधायक चैतर वसावा ने कहा कि पूर्व वन मंत्री तथा आदिजाति विकास मंत्री ने गुजरात पैटर्न की 10 प्रतिशत ग्रांट और ट्राइबल सब-प्लान के तहत 14 जिलों के लिए आवंटित ग्रांट में बारडोली, नवसारी, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद की कुछ एजेंसियों को बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के, अनावश्यक और अनियमित कार्य आवंटित कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। इस मामले में आने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सबूतों के साथ विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। यदि सरकार द्वारा पूर्व मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है तो आने वाले दिनों में जनता के बीच जाकर जागरूक किया जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से, लोकतंत्र के मंच से जनता अपना जवाब देगी।

 

 

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