Jammu and Kashmir : ‘ऑपरेशन महादेव’ क्यों रखा नाम, आतंकियों तक कैसे पहुंची सेना? पहलगाम हमले का ऐसे लिया बदला
श्रीनगर : जम्मू और कश्मीर में आज एक बार फिर सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेडछिड़ गई है। ताजा खबरों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के पास दाचीगाम के घने जंगलों में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत तीन आतंकवादियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों के पहलगाम में हुए वीभत्स नरसंहार में शामिल होने का संदेह है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों को दाचीगाम के जंगली इलाके में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

खुद को घिरा हुआ पाकर आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। ऑपरेशन महादेव के तहत भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकियों को मार गिराया है। सेना ने देर रात तक आधिकारिक रूप से इनकी पहचान जाहिर नहीं की, लेकिन सैन्य सूत्रों के अनुसार मारा गया एक आतंकी पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता सुलेमान उर्फ आसिफ है। बताया जा रहा है कि दोनों ओर से हुई जबरदस्त गोलीबारी में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल की है।
इन आतंकियों का संबंध 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले से जोड़ा जा रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस नरसंहार ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और तभी से सुरक्षाबल इस हमले में शामिल आतंकियों की सरगर्मी से तलाश कर रहे थे। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षाबल पूरी तरह से मुस्तैद हैं। सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नजर बनाए हुए हैं। मारे गए आतंकियों की पहचान और उनके संगठन के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।




