भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में तेजी, स्वदेशी रेलगाड़ी का सुरक्षा परीक्षण अंतिम चरण में
नई दिल्ली। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति रेल गलियारे के लिए देश में ही तैयार की जा रही पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के निर्माण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलगाड़ी के निर्माण और सुरक्षा परीक्षणों की जानकारी ली।
स्वदेशी बुलेट ट्रेन को बी-28 नाम दिया गया है। इसका निर्माण मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति रेल परियोजना के लिए किया जा रहा है। रेलगाड़ी के ढांचे की मजबूती जांचने के लिए इन दिनों विशेष दबाव परीक्षण किया जा रहा है। इस परीक्षण में रेलगाड़ी के बाहरी ढांचे पर नियंत्रित दबाव डालकर उसकी मजबूती, स्थिरता और सुरक्षा का आकलन किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण अगले सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है।
रेल मंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि रेलगाड़ी के विभिन्न प्रमुख हिस्सों का निर्माण, संयोजन और परीक्षण किया जा रहा है। परियोजना में गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। परीक्षण पूरा होने के बाद रेलगाड़ी में प्रणोदन प्रणाली और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाए जाएंगे।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना लगभग 508 किलोमीटर लंबी है। इसके अंतर्गत महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर रेलमार्ग विकसित किया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। रेलगाड़ी की अधिकतम व्यावसायिक गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
परियोजना के पहले चरण में सूरत से बिलिमोरा के बीच रेल सेवा शुरू करने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस खंड पर पहली बुलेट ट्रेन का उद्घाटन 15 अगस्त 2027 को होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, निर्धारित समयसीमा निर्माण और परीक्षण कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगी।
बुलेट ट्रेन परियोजना को भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में लंबी दूरी की यात्रा कम समय में पूरी करने, आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा देने और देश में उच्च गति रेल तकनीक विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।




