प्रदूषण जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम और नोएडा सीमा पर लगा लंबा जाम, घंटों परेशान रहे यात्री

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक नवंबर से लागू किए गए नए प्रतिबंधों का असर दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था पर दिखाई दिया। वाहनों की जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा सीमाओं पर लंबी कतारें लग गईं। रविवार को कई प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहन चालकों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा।

दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के सरहौल टोल प्लाजा के आसपास स्थिति सबसे अधिक प्रभावित रही। यहां वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक पहुंच गईं। गुरुग्राम के इफको चौक से दिल्ली की ओर आने वाले यात्रियों को भी काफी देर तक रुकना पड़ा। मुख्य सड़क के साथ-साथ सर्विस लेन पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। दिल्ली-नोएडा सीमा के डीएनडी फ्लाईवे, चिल्ला और कालिंदी कुंज जैसे प्रवेश मार्गों पर भी जांच के कारण यातायात धीमा रहा।

दरअसल, दिल्ली सरकार ने एक नवंबर से बाहर पंजीकृत बीएस-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। इस नियम के तहत बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के संबंधित वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं है। हालांकि, बीएस-6, सीएनजी और विद्युत वाहनों को छूट दी गई है। नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें सीमावर्ती इलाकों में तैनात की गई हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जांच अभियान के दौरान स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और अन्य माध्यमों से वाहनों की पहचान भी की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश को रोकना है।

हालांकि, अचानक बढ़ी जांच और वाहनों की लंबी कतारों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। नौकरीपेशा लोगों, बस यात्रियों और रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों को विशेष दिक्कत हुई। प्रशासन के सामने अब प्रदूषण नियंत्रण के साथ यातायात को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है।

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