दिल्ली के अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मामलों पर विशेष निगरानी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
राजधानी दिल्ली में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ती उमस को देखते हुए अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, लू, चक्कर आना और अत्यधिक गर्मी से होने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अस्पतालों के आपातकालीन विभागों को भी आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और पर्याप्त स्टाफ के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से राजधानी में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। इसके साथ ही हवा में नमी बढ़ने से उमस भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ऐसे मौसम में बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि इन वर्गों पर गर्मी का प्रभाव अधिक पड़ सकता है।
अस्पतालों में विशेष निगरानी के तहत हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से जुड़े मामलों का अलग से रिकॉर्ड रखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बेड, ओआरएस, ग्लूकोज और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिया है कि गर्मी से संबंधित लक्षणों वाले मरीजों का तुरंत उपचार किया जाए ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दिन के सबसे गर्म समय, विशेषकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय सिर को ढकने तथा पौष्टिक और हल्का भोजन करने की भी सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। तब तक स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार की गर्मी संबंधी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।




