महिला ने प्राइवेट पार्ट में छिपा रखा था ड्रग्स, चेकिंग के दौरान पुलिस रह गई सन्न; 7 शातिर तस्कर गिरफ्तार
त्रिशूर : केरल के त्रिशूर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। ड्रग्स तस्करी के एक बड़े और चौंकाने वाले भंडाफोड़ में एंटी-नारकोटिक स्पेशल एक्शन फोर्स ने दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई, जब बीच सड़क पर चेकिंग के दौरान एक शातिर महिला के प्राइवेट पार्ट से सिंथेटिक ड्रग्स बरामद हुआ। पुलिस ने इस पूरे गिरोह के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त कर एक बड़े और खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

कार की चेकिंग में खुला खौफनाक राज
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा खुफिया ऑपरेशन त्रिशूर के वणियमपारा इलाके में चलाया गया। यहां पुलिस की टीम गाड़ियों की सघन चेकिंग कर रही थी, तभी पलक्कड़ के एक रिजॉर्ट से आ रही एक स्विफ्ट कार को शक के आधार पर रोका गया। इस कार में सवार शिफास, विद्या, जिष्णु और श्रीलक्ष्मी नाम के चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जब कार सवार एक महिला की महिला पुलिसकर्मियों द्वारा तलाशी ली गई, तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। महिला ने बेहद शातिराना अंदाज में दो ग्राम एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स अपने प्राइवेट पार्ट्स में छिपाकर रखा हुआ था।
मोबाइल से मिला सुराग, वर्कशॉप से पकड़ा गया जखीरा
महिला के पास से ड्रग्स मिलने के बाद जांच टीम ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। इसी पूछताछ की निशानदेही पर अधिकारियों ने शिफास के घर पर छापा मारा और वहां से 18 ग्राम एमडीएमए बरामद किया। जांच का दायरा बढ़ाते हुए जब पुलिस ने जब्त किए गए मोबाइल फोनों को खंगाला, तो उनके हाथ एक अहम सुराग लगा। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस की टीम चावक्कड के पंचारामुक्कू स्थित एल्युमीनियम बनाने वाली एक वर्कशॉप तक पहुंची। यहां बेहद चालाकी से तीन पैकेटों में छिपाकर रखा गया 288 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया।
जिले की सबसे बड़ी कार्रवाई, कुल 308 ग्राम ड्रग्स जब्त
इस ड्रग्स सिंडिकेट की गहराई तक जाते हुए पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े तीन अन्य आरोपियों शब्बीर, अनशाद और टी.टी. सुमेष को भी धर-दबोचा है। इस बड़े और सफल ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 308 ग्राम एमडीएमए जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह हाल के महीनों में त्रिशूर जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ की गई सबसे बड़ी और अहम कार्रवाइयों में से एक है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए सभी सात आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस काले कारोबार के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।




