‘गोद लेने संबंधी कार्यवाही पर जिला मजिस्ट्रेट को है निर्णय लेने का अधिकार’, बांबे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
मुंबई। बांबे हाई कोर्ट ने किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम में संशोधन को उचित ठहराते हुए सोमवार को कहा कि जिला मजिस्ट्रेट को दत्तक ग्रहण या गोद लेने संबंधी कार्यवाही की सुनवाई और निर्णय लेने का अधिकार है।

हाई कोर्ट ने किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम में किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली दो दंपतियों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसके तहत गोद लेने का आदेश जारी करने की शक्ति न्यायालयों से जिला मजिस्ट्रेटों (कार्यकारी अधिकारियों) को हस्तांतरित कर दी गई थी।




