भारत में नहीं होगी खाद की कमी, रूस में लगेंगे यूरिया के प्लांट
भारत की तीन कंपनियां रूसी कंपनी यूरालकेम के साथ मिलकर रूस में 20 लाख टन वार्षिक क्षमता का यूरिया प्लांट स्थापित करेंगी। यह परियोजना भारत की उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और दो वर्षों में चालू होने का लक्ष्य है।
इस परियोजना को भारत के लिए उर्वरकों की स्थिर और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसकी खास बात होगी कि यहां उत्पादित यूरिया पूरी तरह भारत के लिए रहेगा। यूरिया के कच्चे माल के रूप में अमोनिया रूस से ही उपलब्ध कराया जाएगा।





