ट्रम्प के टैरिफ को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने गैरसंवैधानिक और अन्यायपूर्ण बताया: इसुदान गढ़वी
आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने एक वीडियो के माध्यम से एक बेहद गंभीर मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के न्यूज़पेपर में एक ख़बर आई कि भारतीय मूल के नील कात्याल ने अमेरिका में ट्रम्प के टैरिफ के निर्णय को चुनौती दी। नील कात्याल ने इन टैरिफ के निर्णयों को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को गैरसंवैधानिक और अन्यायपूर्ण बताया। तो अमेरिका और भारत के बीच जो ट्रेड डील हुई है और इसके अलावा अमेरिका ने अन्य देशों पर जो टैरिफ लगाए हैं, वे अन्यायपूर्ण और गैरसंवैधानिक हैं, यह बात अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट कह रही है। और इस मुद्दे को लेकर भारतीय मूल के नील कात्याल को चिंता हुई और उन्होंने ट्रम्प के निर्णय को चुनौती दी।
प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने आगे कहा कि अब यदि इस न्यूज़पेपर के अंतिम पृष्ठ को देखा जाए तो हमें समझ में आएगा कि किस प्रकार हमें मूर्ख बनाया जा रहा है और हमारे पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस न्यूज़पेपर में एक बड़ा विज्ञापन दिया गया है, जिसमें लिखा है — “कृषि क्षेत्र में समृद्धि की नई लहर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और केंद्र व गुजरात का किसानोन्मुख बजट।” इस विज्ञापन से स्पष्ट होता है कि किस प्रकार किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। यह विज्ञापन केवल एक अखबार में नहीं है, बल्कि ऐसे कई विज्ञापन गुजरात के विभिन्न न्यूज़पेपरों में देखने को मिलेंगे, लेकिन वास्तविकता पहले पृष्ठ पर लिखी है कि ट्रम्प सरकार का निर्णय गैरसंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है, जबकि यहां जनता के पैसों से बड़े-बड़े विज्ञापन दिए जा रहे हैं। जनता को भ्रमित करने का यह खेल है विज्ञापनों का, चेहरा चमकाने का, जनता को मूर्ख बनाने और लूटने का।




