बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ बिहार में समयबद्ध कार्रवाई की मांग | मानव तस्करी पर राज्य स्तरीय परामर्श
Demand for timely action against child trafficking in Bihar | State level consultation on human trafficking
कड़े कानून, लेकिन न्याय अभी बाकी: पटना में बच्चों की ट्रैफिकिंग पर राज्य स्तरीय परामर्श
पटना में आयोजित एक राज्य स्तरीय परामर्श बैठक में बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल श्रम, बाल विवाह और यौन शोषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने इन अपराधों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई और न्यायपूर्ण पुनर्वास की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
यह परामर्श ‘भारत में मानव दुर्व्यापार: समन्वय और रोकथाम तंत्र को मजबूत करना’ विषय पर जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) के सहयोग से आयोजित किया गया।

🔹 JRC की ज़मीनी पहल: आंकड़े चौंकाने वाले हैं
1 अप्रैल 2024 – 30 अप्रैल 2025 के बीच:
➤ 56,242 बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराया गया
➤ 38,353 कानूनी कार्रवाइयाँ ट्रैफिकर्स के खिलाफबिहार में (2023 से अब तक):
➤ 4,991 बच्चों को बचाया गया
➤ 21,485 बाल विवाह रोके गए
➤ 6,510 केस में कार्रवाई शुरू
🔹 प्रमुख वक्ताओं की राय:
👤 हुलेश मांझी (सदस्य, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग):
“बच्चों को बचाना केवल प्रशासन की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अब चुप नहीं रह सकते।”
👩⚖️ शिल्पी सोनिराज (सचिव, BSLSA):
“केस दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, हमें संवेदनशील न्याय और सम्मानजनक पुनर्वास की जरूरत है।”
👮♂️ डॉ. अमित कुमार जैन (ADG, कमजोर वर्ग):
“ट्रैफिकिंग रोकने के लिए मजबूत इंटर-एजेंसी समन्वय अनिवार्य है। नागरिक संगठनों की भूमिका अहम है।”
🗣️ रवि कांत (राष्ट्रीय संयोजक, JRC):
“भारत के ट्रैफिकिंग विरोधी कानूनों को अब प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। यह एक संगठित अपराध है, और हमें इससे भी संगठित ढंग से लड़ना होगा।”
🔹 अन्य प्रमुख उपस्थिति:
विजय कुमार (संयुक्त श्रम आयुक्त, बिहार)
निशा झा (पूर्व अध्यक्ष, BCPCR)
सुधा वर्गीज (पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी)
अनुपमा (BSLSA रजिस्ट्रार)
अंकिता कश्यप (राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, WCDC)
वत्सल वर्मा (अधिवक्ता, पटना हाईकोर्ट)
सुनील झा (पूर्व सलाहकार, समाज कल्याण विभाग)
🔹 चिंता का विषय:
मानव तस्करी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है — ड्रग्स और हथियारों के बाद।
गिरोह बच्चों को बहला-फुसलाकर बाल श्रम, यौन शोषण और अन्य शोषणकारी कार्यों में धकेलते हैं।
🔹 बैठक से निकली मुख्य सिफारिशें:
समयबद्ध सुनवाई और कार्रवाई
लापता बच्चों की त्वरित ट्रैकिंग
अभियोजन तंत्र को सशक्त बनाना
सभी हितधारकों का नियमित क्षमता निर्माण
सशक्त पुनर्वास नीति




