दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा और आबकारी नीति पर सरकार का जोर
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने और आबकारी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। सरकार का फोकस अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ आबकारी नियमों के प्रभावी पालन पर है। इसके लिए संबंधित विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के स्तर पर अवैध शराब के कारोबार को गंभीरता से लिया जा रहा है। दिल्ली में शराब की अवैध बिक्री और दूसरे राज्यों से होने वाली तस्करी पर कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग की टीमों को सक्रिय किया गया है। संदिग्ध इलाकों, परिवहन मार्गों और ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, जहां अवैध शराब की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब का कारोबार केवल राजस्व को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी खतरा पैदा होता है। मिलावटी या अवैध तरीके से तैयार शराब के सेवन से गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। इसी वजह से सरकार प्रवर्तन कार्रवाई के साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।
नई आबकारी व्यवस्था में नियमों के पालन, लाइसेंसधारकों की जवाबदेही और राजस्व संग्रह को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शराब की बिक्री निर्धारित नियमों और स्थानों पर ही हो तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सरकार का कहना है कि आबकारी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय निगरानी और प्रवर्तन अभियान को लगातार मजबूत किया जाएगा।
राजधानी में त्योहारी मौसम और बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए अवैध शराब की तस्करी पर विशेष नजर रखने की जरूरत भी बताई जा रही है। सरकार का प्रयास है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और आबकारी व्यवस्था ऐसी हो जिससे राजस्व, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सुरक्षा—तीनों हितों की रक्षा की जा सके।




