ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होगी

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा, यातायात और सीमावर्ती इलाकों की निगरानी को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम, प्रगति मैदान में होगा।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की है। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच, सीमाओं पर निगरानी तथा यातायात प्रबंधन को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई।

पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई है। संदिग्ध वाहनों और लोगों की पहचान के लिए जांच तेज की जाएगी। खुले क्षेत्रों से ड्रोन या अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही पर भी विशेष नजर रखने की तैयारी है। किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर संबंधित एजेंसियों के साथ तत्काल जानकारी साझा करने पर जोर दिया गया है।

सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली यातायात पुलिस ने करीब 4,800 यातायातकर्मियों की तैनाती की योजना बनाई है। केंद्रीय और दक्षिणी दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार यातायात को नियंत्रित किया जाएगा और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी।

सम्मेलन की तैयारियों के कारण 11 सितंबर को दिल्ली और नई दिल्ली में केंद्र तथा दिल्ली सरकार के कार्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को सप्ताहांत रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य इस अवधि में सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना और सुरक्षा एजेंसियों को सुचारु रूप से काम करने का अवसर देना है।

आम लोगों से अपील की गई है कि सम्मेलन के दौरान अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

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