जाम्बिया में नवितास प्लैनेट को 2 करोड़ डॉलर का 54 मेगावाट सोलर ईपीसी प्रोजेक्ट, अफ्रीका में बढ़ेगी भारत की स्वच्छ ऊर्जा की पहचान
भारत की अग्रणी सौर ऊर्जा कंपनी नवितास सोलर की इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) इकाई नवितास प्लैनेट को जाम्बिया के सेरेन्जे प्रांत में 54 मेगावाट क्षमता वाली यूटिलिटी-स्केल सोलर परियोजना विकसित करने का 2 करोड़ डॉलर का अनुबंध मिला है। यह परियोजना कंपनी के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और अफ्रीका के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में उसकी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।
इस ईपीसी अनुबंध के तहत नवितास प्लैनेट परियोजना की इंजीनियरिंग, उपकरणों की खरीद, निर्माण और सोलर पावर प्लांट की कमीशनिंग तक सभी कार्यों का जिम्मा संभालेगी। परियोजना में कंपनी के उच्च दक्षता वाले बाइफेशियल टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल के साथ वैश्विक स्तर के अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य अगले 7 से 8 महीनों में इस परियोजना को पूरा कर चालू करना है।
नवितास सोलर के निदेशक सुनय शाह ने कहा कि यह परियोजना कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की विशेषज्ञता की वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग इस उपलब्धि से स्पष्ट होती है। जाम्बिया अपनी ऊर्जा व्यवस्था में विविधता लाने के लिए तेजी से सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है और ऐसे में यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा ढांचा तैयार करने के साथ अफ्रीका में दीर्घकालिक साझेदारी को भी मजबूत करेगी।
जाम्बिया वर्तमान में अपनी 80 प्रतिशत से अधिक बिजली जरूरतों के लिए जलविद्युत पर निर्भर है। हालांकि जलवायु परिवर्तन और सूखे की बढ़ती घटनाओं के कारण देश अब सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से निवेश कर रहा है। सेरेन्जे की यह परियोजना जाम्बिया की इंटीग्रेटेड रिसोर्स प्लान (आईआरपी) और 1,000 मेगावाट प्रेसिडेंशियल सोलर इनिशिएटिव के अनुरूप है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
परियोजना के चालू होने के बाद हर वर्ष लगभग 42,570 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह परियोजना जाम्बिया के वर्ष 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 47 प्रतिशत कमी के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अफ्रीका में नवितास प्लैनेट की यह पहली यूटिलिटी-स्केल सोलर ईपीसी परियोजना है, जो कंपनी के वैश्विक विस्तार की मजबूत नींव रखने के साथ भारतीय स्वच्छ ऊर्जा उद्योग की अंतरराष्ट्रीय साख को भी नई ऊंचाई देगी।




