डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं मिलेंगे कुछ औषधीय सिरप, सरकार सख्त नियमों की तैयारी में
नई दिल्ली, 17 जून। दवाओं के दुरुपयोग और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ औषधीय सिरप की बिक्री को लेकर नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कुछ विशेष प्रकार के औषधीय सिरप अब केवल डॉक्टर के वैध पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्रालय और औषधि नियामक एजेंसियों द्वारा की जा रही समीक्षा में पाया गया है कि कई दवाइयों का उपयोग निर्धारित चिकित्सा उद्देश्यों के बजाय गलत तरीके से किया जा रहा है। विशेष रूप से खांसी और दर्द से संबंधित कुछ सिरप के दुरुपयोग की घटनाओं ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। इसके चलते इन दवाओं की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद फार्मेसियों को ऐसे सिरप बेचने से पहले डॉक्टर का पर्चा देखना होगा। साथ ही दवा विक्रेताओं को बिक्री का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना पड़ सकता है, जिससे जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इस कदम का उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दवाओं के अनियंत्रित उपयोग को रोकना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे न केवल दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी बल्कि लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों से भी बचाया जा सकेगा।
हालांकि, कुछ दवा विक्रेता संगठनों ने आशंका जताई है कि नए नियमों के कारण मरीजों को तत्काल दवा प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सरकार जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो देशभर में औषधीय सिरप की बिक्री और उपयोग की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।




