30 साल की सरकार के बाद भी सड़के, स्कूल और अस्पताल बदहाल: केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान साहब के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान अहमदाबाद में एक पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया, जिसमें अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के साथ प्रदेश प्रभारी गोपाल राय, प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, विधायक गोपाल इटालिया, विधायक चैतर वसावा, प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया और प्रदेश फ्रंटल अध्यक्ष प्रवीण राम उपस्थित रहे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के हालिया बजट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट से आम जनता को बड़ी अपेक्षाएं होती हैं, क्योंकि घरेलू अर्थव्यवस्था पर सरकारी बजट का सीधा प्रभाव पड़ता है। हमने इस बजट का अध्ययन किया और हमें इसमें आम लोगों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, बेरोजगार युवाओं या किसी भी वर्ग के लिए कुछ भी नजर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि 30 वर्षों से सत्ता में रही सरकार को चुनाव का भी कोई डर नहीं है, क्योंकि कांग्रेस कभी प्रभावी विपक्ष बनकर आवाज नहीं उठाती और जनता भी देख रही है कि कांग्रेस भाजपा की जेब में है।
अरविंद केजरीवाल ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में हमारी सरकार को केवल चार वर्ष हुए हैं और वहां हर परिवार को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है, जिसके तहत गरीब मजदूर और किसान भी सर्वोत्तम निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में 24 घंटे बिजली, किसानों को दिन में निर्धारित समय पर मुफ्त बिजली, बेहतर सड़कें और सिंचाई सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि जैसे फैसले लागू किए गए हैं। 2022 में जहां केवल 23 प्रतिशत क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पहुंचता था, वह अब 67 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। इसके विपरीत, गुजरात में अब भी सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य व्यवस्था और किसानों की सुविधाओं में गंभीर कमियां हैं। उनके अनुसार अच्छे शासन के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति आवश्यक है और यदि पंजाब में हमारी सरकार यह सब कर सकती है तो गुजरात में ऐसे कार्य क्यों नहीं हो रहे?
अंत में केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता अब भाजपा और कांग्रेस दोनों से निराश हो चुकी है और परिवर्तन की आशा के साथ आम आदमी पार्टी की ओर देख रही है। उन्होंने इसुदान गढ़वी, गोपाल इटालिया और चैतर वसावा जैसे सामान्य परिवारों से आए नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वे परिवर्तन के प्रतीक बन रहे हैं और जनता बड़ी संख्या में उन्हें सुनने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया जाता है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार के अहंकार और जनता के अपमान का प्रतीक है और विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में गुजरात की जनता इसका उचित जवाब देगी।
ट्रेड डील के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि हमारे किसानों का सामान अमेरिका जाएगा तो उस पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जबकि अमेरिकी किसानों का सामान भारत आएगा तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे हमारे किसानों का माल न अमेरिका में बिक पाएगा और न ही भारत में, जिससे किसानों को नुकसान होगा और हमारे निर्यात के बंद होने की भी आशंका है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने यह बयान दिया था कि उनके पास नरेंद्र मोदी जी के ऐसे राज हैं जिन्हें उजागर कर दिया जाए तो उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अपने राज बचाने के लिए पूरे देश को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया गया है?
इसके बाद आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि लाखों-करोड़ों रुपये का बजट बनाया जाता है, लेकिन उसका सही लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचता। इस बार देश और गुजरात दोनों का बजट लगभग एक जैसा है, क्योंकि सामान्य वर्ग के लिए इसमें कोई विशेष प्रावधान नहीं है। किसानों, महिलाओं, गरीब वर्ग, छोटे व्यापारियों और दुकानदारों—सभी के लिए बजट में कोई खास राहत नहीं है। उनका कहना था कि जब मजबूत विपक्ष न हो या सरकार को विपक्ष की चिंता न हो, तब ऐसे बजट पेश किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक टैक्स देता है, भले ही वह इनकम टैक्स न देता हो, लेकिन दैनिक जीवन की हर वस्तु पर टैक्स है—गैस, चाय, चीनी, दूध, खाद्य सामग्री, मोबाइल, पेट्रोल, सब्जी और बिजली। तो सवाल यह है कि यह टैक्स का पैसा कहां जाता है? आम लोगों को इसका सीधा लाभ क्यों नहीं मिलता? उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार संभाली थी तब बजट लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का था, जो बढ़कर लगभग 68 हजार करोड़ रुपये हो गया। 24 घंटे बिजली, सरकारी स्कूलों में सुधार, निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश—यह सब संभव हुआ है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगे बताया कि पंजाब में 43,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और सुधार का काम चल रहा है। ठेकेदारों को पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। यदि सड़क पर गड्ढा होगा तो उसे ठीक करने की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होगी। यदि पंजाब पुलिस का कोई जवान ड्यूटी के दौरान शहीद होता है तो उसके परिवार को सरकार और बैंक मिलाकर कुल दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं। आगामी बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा, क्योंकि जनता पहले से ही टैक्स के बोझ तले दबी हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में “स्कूल ऑफ एमिनेंस” शुरू किए गए हैं और लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में एक ऐसी स्कूल स्थापित करने की योजना है। सरकारी स्कूलों के छात्र NEET और JEE Main जैसी परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास कर रहे हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को सिंगापुर और फिनलैंड में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है ताकि नई शिक्षा पद्धतियों को अपनाया जा सके।




