गणतंत्र दिवस परेड में गुजरात की झांकी दिखाएगी तिरंगे की गौरवगाथा, कर्तव्य पथ पर दिखेगा ‘वंदे मातरम’ का मंत्र
गुजरात की गणतंत्र दिवस झांकी ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मनाते हुए भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के विकास की गौरवगाथा प्रस्तुत करेगी। यह झांकी मैडम भीकाजी कामा के ध्वज, महात्मा गांधी के चरखे और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को दर्शाएगी। इसमें 1906 से वर्तमान स्वरूप तक तिरंगे की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत किया जाएगा, जो स्वदेशी और स्वावलंबन का संदेश देगी।

इसके साथ ही, यह झांकी गुजरात के नवसारी में जन्मी तथा गुर्जर भूमि के अपने प्रसिद्ध साथी क्रांतिवीरों- श्यामजी कृष्ण वर्मा और सरदार सिंह राणा के साथ विदेशी धरती से क्रांतिज्योत जगाने वालीं मैडम भीकाजी कामा द्वारा डिजाइन किए गए भारतीय ध्वज की यशोगाथा का वर्णन, जिस पर ‘वंदे मातरम’ लिखा है और ‘चरखे’ के माध्यम से स्वदेशी का मंत्र देने वाले महात्मा गांधी की स्मृति के साथ मौजूदा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के सुंदर समन्वय के माध्यम से एक अनूठी छाप छोड़ती है।




