सोशल मीडिया के जरिए बढ़ रहे साइबर अपराध, युवाओं को बनाया जा रहा निशाना
देशभर में सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल और ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। साइबर अपराधी खासतौर पर युवाओं को निशाना बना रहे हैं और उन्हें फर्जी प्रोफाइल, वीडियो कॉल, ऑनलाइन दोस्ती और निवेश के झांसे में फंसा रहे हैं। पुलिस और साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार अपराधी पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नकली पहचान बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं। इसके बाद निजी जानकारी, फोटो या वीडियो हासिल कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। कई मामलों में युवाओं को वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्डिंग कर डराया-धमकाया गया और पैसे की मांग की गई। कुछ पीड़ितों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की ठगी होने की बात सामने आई है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी अब आधुनिक तकनीक और AI आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, निवेश स्कीम और नौकरी के नाम पर ठगी जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर और अनजान लोगों से बातचीत कई बार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, बैंकिंग जानकारी देने और वीडियो कॉल के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यदि किसी के साथ ऑनलाइन ब्लैकमेल या ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकार और पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन लोगों को भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी होगी।




