पंजाब-हरियाणा में भूजल संरक्षण नीति आने के बाद दिल्ली में 245 घंटे बढ़ गया स्माॅग, 90 प्वॉइंट बढ़ा AQI
एक अध्ययन के अनुसार, 2010 से दिल्ली में गंभीर स्मॉग तीन गुना बढ़ गया है, जिसका मुख्य कारण पंजाब और हरियाणा में 2009 की भूजल संरक्षण नीति है। इस नीति ने धान की बुवाई में देरी की, जिससे पराली जलाने का समय अक्टूबर से नवंबर हो गया। नवंबर में ठंडे मौसम और कम वेंटिलेशन के कारण दिल्ली का AQI 90 अंक बढ़ा और गंभीर स्मॉग की अवधि 89 से 334 घंटे हो गई, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ीं।

इससे उसकी समसामयिकता भी बड़े स्तर पर प्रभावित होती है। ऐसे ही एक अध्ययन में सामने आया है कि 2010 से राजधानी में गंभीर स्माॅग तीन गुणा तक बढ़ा है। यह वृद्धि भूजल संरक्षण नीति 2009 लागू होने के बाद हुई है।
यह अध्ययन आईआईटीएम पुणे ने यूएस के नेशनल सेंटर फॉर एटमाॅस्फेरिक रिसर्च (एनसीएआर) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सहयोग से किया है। इसमें विज्ञानियों ने 2017 से 2021 के पराली जलाने के सीजन का विश्लेषण किया।




