Delhi Police ने साइबर ठग को गुरुग्राम से पकड़ा, फर्जी मैनपावर कंपनी का भंडाफोड़

Delhi Cyber Cell Busts Fake Manpower Firm in Gurugram; ₹3.98 Lakh Cyber Fraud Solved

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई में एक कुख्यात साइबर ठग को गिरफ्तार कर लिया है और गुरुग्राम (हरियाणा) से संचालित हो रही एक फर्जी मैनपावर रिक्रूटमेंट कंपनी का भंडाफोड़ किया है।


🔍 मामले की शुरुआत: आईफोन चोरी और बैंक धोखाधड़ी

22 मई, 2025 को एक शिकायतकर्ता का iPhone चोरी हो गया, जो उसके बैंक खाते से लिंक था। 26 मई को नया सिम लेने के बाद, उसे SMS के माध्यम से पता चला कि उसके खाते से 9 अनधिकृत UPI लेन-देन किए गए हैं, जिनकी कुल राशि ₹3,98,709/- थी।

इसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।


🕵️‍♂️ जांच और सफलता: साइबर टीम की मेहनत रंग लाई

इंस्पेक्टर मंजीत कुमार के नेतृत्व में और एसीपी अनिल शर्मा की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें शामिल थे:

  • एसआई सत्वंत सिंह

  • एएसआई महेश बंसोड़

  • हेड कांस्टेबल पर्नाम और कमल

  • कांस्टेबल रवि और सचिन

💡 पैसे के लेन-देन का विश्लेषण करने पर पता चला कि ठगी की गई राशि कई खातों में भेजी गई थी। एक प्रमुख खाता—तेलंगाना स्थित A/c No. 028010200xxxxxx—को ₹1,00,000/- मिले, जो आगे Meraaki Manpower Services Pvt. Ltd. नामक कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए।

जब KYC जांच की गई तो कंपनी का रजिस्टर्ड पता खाली पाया गया।

लगातार प्रयासों के बाद, ठगों की गतिविधि का केंद्र Spaze IT Park, गुरुग्राम में होने का पता चला।


🚨 छापेमारी और गिरफ्तारी

एक त्वरित रेड में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया:

  • नाम: मुनीर खान उर्फ साहिल शर्मा

  • उम्र: 33 वर्ष

  • शैक्षणिक योग्यता: 12वीं पास

  • पद: निदेशक, Meraaki Manpower Services Pvt. Ltd.

  • अपराधिक इतिहास: पूर्व में बलात्कार के मामले में गिरफ्तार, लगभग 4.5 वर्ष की न्यायिक हिरासत में रह चुका है

उसने शुबहम, मुकीम और मुंजीर के साथ मिलकर Meraaki Manpower Services Pvt. Ltd. बनाई थी, जिसका उपयोग साइबर अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था।


💼 बरामद सामान:

  • 200 चेक बुक्स (चार अलग-अलग बैंकों की)

  • 04 डेबिट कार्ड, जो धोखाधड़ी वाले खातों से जुड़े थे


🧠 अपराध नेटवर्क का विस्तार:

नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त डाटा के अनुसार, इस फर्जी कंपनी के बैंक खातों का संबंध भारत भर के 85 साइबर अपराध मामलों से है। ठगी की कुल राशि लाखों में आंकी जा रही है।


🚓 जांच जारी:

फिलहाल इस साइबर अपराध गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और गिरफ्तारियां जारी हैं।

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