विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना जरूरी : PM Modi
नई दिल्ली । PM Modi ने गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती के मौके पर कटक में आयोजित ‘पराक्रम दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आमजन से आह्वान करते हुए कहा कि नेताजी ने आजादी के लिए कष्टों को चुना, चुनौतियों को चुना, देश-विदेश में भटकना पसंद किया। मगर, वो कंफर्ट जोन के बंधन में नहीं बंधे। इसी प्रकार आज हम सभी को ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना है। उन्होंने कहा कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म जयंती के पावन अवसर पर पूरा देश श्रद्धापूर्वक उन्हें याद कर रहा है। मैं नेताजी सुभाष बाबू को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। इस वर्ष के ‘पराक्रम दिवस’ का भव्य उत्सव नेताजी की जन्मभूमि पर हो रहा है। मैं ओडिशा की जनता को, ओडिशा सरकार को, इसके लिए बहुत बधाई देता हूं। कटक में नेताजी के जीवन से जुड़ी एक विशाल प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें नेताजी के जीवन से जुड़ी अनेक विरासतों को एक साथ सहेजा गया है। कई चित्रकारों ने कैनवास पर नेताजी के जीवन प्रसंग की तस्वीरें उकेरी हैं। इन सबके साथ नेताजी के जीवन पर आधारित कई पुस्तकों को भी इकट्ठा किया गया है। ये सारी विरासत मेरे युवा भारत, नए भारत को एक नई ऊर्जा देगी।
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हमारा देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प की सिद्धि के लिए जुटा है, तब नेताजी के जीवन से हमें निरंतर प्रेरणा मिलती है। नेताजी के जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य था, आजाद हिंद। उन्होंने अपने संकल्प की सिद्धि के लिए अपने फैसले को एक ही कसौटी पर परखा, आजाद हिंद। नेताजी एक समृद्ध परिवार में जन्मे, उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा पास की। वे चाहते तो अंग्रेजी शासन में वरिष्ठ अधिकारी बनकर आराम की जिंदगी जीते। लेकिन, उन्होंने आजादी के लिए कष्टों को चुना, चुनौतियों को चुना, देश-विदेश में भटकना पसंद किया। नेताजी सुभाष कंफर्ट जोन के बंधन में नहीं बंधे। इसी प्रकार आज हम सभी को ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना है। हमें खुद को ‘ग्लोबली बेस्ट’ बनाना है। एक्सीलेंस को चुनना ही है।




