Crime: गर्ल्स स्कूल के पास अवैध हथियार लेकर बैठे शातिर बदमाश को किया गिरफ्तार
A vicious criminal sitting with illegal weapons near a girls school was arrested
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की सूचना पर झालावाड़ जिले की गंगधार पुलिस ने जेता खेड़ी रोड पर गर्ल्स स्कूल के पास बैठे कुख्यात अपराधी युवराज सिंह पुत्र अमर सिंह राजपूत (19) निवासी गणेश गली, गंगाधार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ पहले भी अवैध हथियार से हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स श्री दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की एजीटीएफ टीम लगातार सक्रिय गैंगस्टर, हार्डकोर अपराधियों, इनामी अपराधियों, अवैध मादक पदार्थ व हथियार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। टीम की सूचना पर सोमवार रात को झालावाड़ जिले की गंगधार पुलिस ने किसी अप्रिय घटना से पहले कुख्यात अपराधी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। एडीजी श्री एमएन ने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक श्री योगेश यादव एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन एवं पुलिस उप निरीक्षक श्री सुभाष सिंह तंवर के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल महावीर सिंह को सूचना मिली कि गंगधार थाना क्षेत्र में जेताखेड़ी रोड पर बालिका स्कूल के पास खेल मैदान के चबूतरे पर एक संदिग्ध व्यक्ति हथियार लेकर बैठा है। यदि उसे शीघ्र नहीं पकड़ा गया तो वह यहां कोई वारदात कर सकता है। जयपुर एवं झालावाड़ के बीच दूरी अधिक होने के कारण टीम समय पर वहां नहीं पहुंच सकी। समय के अभाव को देखते हुए टीम ने थानाधिकारी डग को फोन कर उक्त सूचना दी। डग थानाधिकारी ने स्थानीय पुलिस थाना गंगधार से समन्वय स्थापित किया। गंगधार थाना टीम ने तत्परता दिखाते हुए एजीटीएफ द्वारा बताए गए हुलिए से मिलते-जुलते व्यक्ति युवराज सिंह को हिरासत में लिया तथा तलाशी के दौरान एक अवैध पिस्तौल मय 02 जिंदा कारतूस जब्त किए। आरोपी के खिलाफ गंगधार थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई में एजीटीएफ हेड कांस्टेबल महावीर सिंह की विशेष भूमिका रही, एएसआई शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल महेश कुमार, नरेन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, महावीर सिंह, कमल, कांस्टेबल नरेश कुमार, चालक सुरेश के साथ गंगधार थाने के कांस्टेबल बृजेश कुमार की सराहनीय भूमिका रही। एजीटीएफ टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक सुभाष सिंह तंवर ने किया।




