Jaipur Crime: एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई बहुचर्चित देवी राम मुल्लाका हत्याकांड के तीन और आरोपियों को दबोचा तीन साल से फरार 13 आरोपियों में से 7 को मात्र 10 दिन में पकड़ा,

Action of Anti Gangster Task Force Police Headquarters Three more accused of the famous Devi Ram Mullaka murder case were caught. Out of the 13 accused who were absconding for three years, 7 were caught in just 10 days.

जयपुर, 7 जुलाई। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की टीम ने डीग जिले के कामां थाना इलाके में 3 साल पहले बहुचर्चित रहे देवी राम मुल्लाका हत्याकांड के तीन और आरोपियों को पकड़ लिया है। तीनों आरोपियों पर एसपी डीग द्वारा 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। 3 साल से फरार चल रहे तेरह आरोपियों में से सात को पिछले 10 दिनों में एजीटीएफ ने पकड़ कामां पुलिस के सुपुर्द किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स एवं अपराध श्री दिनेश एमएन ने बताया कि उपमहानिरीक्षक पुलिस श्री योगेश यादव के सुपरविजन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एजीटीएफ श्री विद्या प्रकाश के नेतृत्व में वांछित अपराधियों, गैंगस्टर इत्यादि के बारे में आसूचना के संकलन  के लिए एएसआई शैलेंद्र कुमार शर्मा, हैड कांस्टेबल मदनलाल शर्मा व कांस्टेबल बृजेश कुमार शर्मा की एक टीम भरतपुर रेंज की ओर रवाना की गई है। एडीजी श्री एमएन ने बताया कि शनिवार को टीम को मिली सूचना पर एसपी डीग श्री राजेश मीणा के समन्वय व एसएचओ कामां मनीष शर्मा मय टीम के सहयोग से 25-25 हजार के इनामी आरोपी बनवारी गुर्जर पुत्र रामपाल, रामेश्वर गुर्जर पुत्र चेतराम एवं भगत सिंह गुर्जर पुत्र नेतराम निवासी मुल्लाका को कस्बा कामां से पकड़ा गया।

श्री एमएन ने बताया कि 11 जून 2021 की सुबह खरीदारी करने बाइक लेकर कामां के लिए निकले देवी राम गुर्जर निवासी मुल्लाका पर पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही रामावतार पुत्र रामप्रसाद पक्ष के 20-22 व्यक्तियों ने लोहे के सरियों और लाठियों से हमला कर दिया और मरा समझकर हवाई फायर करते हुए गांव आये। गांव में भी फायरिग की जिसमे तीन बच्चे व चार अन्य घायल हो गये। गंभीर घायल देवीलाल ने जयपुर लाते समय महुआ से पहले दम तोड़ दिया। मामले में थाना पुलिस द्वारा पूर्व में आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया था। घटना के बाद से ही 13 आरोपी फरार चल रहे थे। जिन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया।मामले में एजीटीएफ ने 26 जून को पलवल से आरोपी राम अवतार गुर्जर एवं थाना खोह से बबलू गुर्जर को तथा 4 जुलाई को कैथवाड़ा के पास से बलराज गुर्जर व रामप्रसाद गुर्जर को डिटेन किया गया था। मात्र 10 दिनों के अंदर एजीटीएफ ने घटना में फरार सात आरोपियों को पकड़ लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एजीटीएफ श्री विद्या प्रकाश के नेतृत्व में की गई इस संपूर्ण कार्रवाई में एएसआई शैलेंद्र शर्मा, हैड कांस्टेबल मदन लाल शर्मा एवं कांस्टेबल बृजेश कुमार की विशेष भूमिका रही। कार्रवाई में एसएचओ कामां मनीष शर्मा मय टीम का सराहनीय सहयोग रहा।

Related Articles

Back to top button