Defence: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में निर्माणाधीन चार प्रोजेक्ट 15बी गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ डिस्ट्रॉयर्स में से तीसरे- यार्ड 12706 (इम्फाल) के शिखा अनावरण कार्यक्रम का आयोजन 28 नवंबर से शुरू

The crest unveiling ceremony of Yard 12706 (Imphal), the third of the four Project 15B Guided Missile Stealth Destroyers under construction at Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) begins on November 28.

अप्रैल 2019 में (इसके शुभारंभ के समय) इस युद्धपोत को इम्‍फाल नाम दिया गया और एमडीएल द्वारा 20 अक्टूबर 2023 को इसे भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। अपने प्री-कमीशनिंग परीक्षणों के अंग के रूप में, इस युद्धपोत ने हाल ही में एक विस्तारित रेंज ब्रह्मोस मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया। इस असाधारण उपलब्धि के पश्चात अब इस युद्धपोत के शिखा अनावरण कार्यक्रम का भी शानदार तरीके से आयोजन किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री, मणिपुर के मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्रालय और मणिपुर राज्य के वरिष्ठ अधिकारीगण अपनी गरिमामयी उपस्थित दर्ज कराएंगे।समुद्री परंपराओं और नौसैनिक रिवाजों के अनुसार, भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और पनडुब्बियों के नाम प्रमुख शहरों, पर्वत श्रृंखलाओं, नदियों, बंदरगाहों और द्वीपों के नाम पर रखे गए हैं। भारतीय नौसेना को ऐतिहासिक शहर इम्‍फाल के नाम पर अपने नवीनतम और तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोत पर बेहद गर्व है। यह भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के किसी शहर के नाम पर रखा जाने वाला पहला उन्नत युद्धपोत भी है, जिसके लिए 16 अप्रैल 2019 को राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृति दी गई थी।भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) द्वारा डिजाइन और एमडीएल द्वारा निर्मित यह जहाज स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के मामले में एक पहचान है और दुनिया में सबसे तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोतों में से एक है। जहाज में लगभग 75 प्रतिशत की उच्च स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें एमआर एसएएम, ब्रह्मोस एसएसएम, स्वदेशी टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर, पनडुब्बी रोधी स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और 76 मिमी एसआरजीएम शामिल हैं। इम्‍फाल पहला ऐसा स्वदेशी विध्वंसक भी है जिसके निर्माण और समुद्री परीक्षणों को पूरा करने में सबसे कम समय दर्ज किया गया। यह युद्धपोत दिसंबर 2023 में भारतीय नौसेना में अधिकृत रूप से शामिल होगा।

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