बेली डांस की शुरुआत कहां से हुई थी, आज जो है आधुनिकता का प्रतीक वह कभी था धार्मिक अनुष्ठान
परी से दिखने वाली हसीनाएं अपने कूल्हे, पैरों और छाती को समायोजित कर जब तबले की हर थाप पर अपने अंगों को तरंगित करती हैं तो किसी की भी सांसें थम जाती है. भड़कीली रोशनी में नर्तकियां चमकीले लिबास पहनकर सधे हुए स्टेप्स के साथ सबका दिल जीत लेती है. लेकिन यह बेली डांस सबके बस की बात नहीं. इसमें कठिन साधना की जरूरत होती है. बेशक आज यह ग्लैमर और आधुनिकता के चकाचौंध का प्रतीक है लेकिन इसकी शुरुआत मनोरंजन के रूप में नहीं हुई थी. बेली डांस का नाता बेहद गहरे धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ा हुआ है. ऐसी मान्यता है कि बेली डांस की शुरुआत देवताओं की अराधना और मातृत्व के उत्सव के रूप में हुआ था जो समय के साथ ग्लैमरस से जुड़ गया. आइए इसकी पूरी कहानी को विस्तार से जानते हैं.

बेली डांस की जड़ें
बेली डांस की जड़ें मेसोपोटामिया की सभ्यता से जुड़ी हुई है. यह दुनिया के सबसे पुराने नृत्यों में से एक है. इसकी शुरुआत आधुनिक मिस्र से मानी जाती है. प्राचीन समय में महिलाएं मंदिरों में जाकर देवी को प्रसन्न करने के लिए यह नृत्य किया करती थी. इसे ग्रीस में ईसिस जैसी देवियों की अराधना से जोड़कर देखा जाता था. उस समय बेली डांस मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि इसे पवित्र नृत्य माना जाता है. नृत्य की लहरदार गति को अनंत काल और ब्रह्मांड की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता था. यह नृत्य धीरे-धीरे मंदिरों से आगे आकर व्यक्तिगत उत्सवों का हिस्सा बनने लगा लेकिन प्रारंभ में बेली डांस महिला सिर्फ महिलाओं के सामने ही किया करती थीं. यह अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने और शरीर की दिव्यता का जश्न मनाने का एक तरीका था. रोमानी लोगों ने इस बेली डांस को एक देश से दूसरे देश में पहुंचाया और इसमें मनोरंजन का तत्व जोड़ा. फिर इसे ऑटोमन साम्राज्य में राजाओं और सुल्तानों के मनोरंजन के लिए परिष्कृत किया गया जहां से इसमें चमक-धमक वाली वेशभूषा शामिल हुई.
मातृत्व और प्रजनन
बेली डांस की जड़ें मुख्य रूप से प्रजनन क्षमता और मातृत्व के उत्सव से जुड़ी हैं. प्राचीन समय में बच्चे का जन्म एक चमत्कार माना जाता था. इसलिए मातृत्व का सम्मान करने के लिए यह नृत्य किया जाता था ताकि महिलाओं के शरीर के प्रति सम्मान प्रकट हो. इसलिए इस नृत्य में पेट को जीवन का केंद्र माना जाता था क्योंकि यहीं से नया जीवन जन्म लेता है. इतिहासकारों का मानना है कि इस नृत्य की लयबद्ध हलचल असल में प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को सहने और मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए विकसित की गई थी. अनुभवी महिलाएं गर्भवती महिला के आसपास यह नृत्य करती थीं ताकि उसे मानसिक और शारीरिक शक्ति मिल सके.
बेली डांस में हर मूवमेंट का खास अर्थ
धीरे-धीरे बेली डांस पूरे अरब जगत का अभिन्न हिस्सा बन गया. इसमें हर मूवमेंट का अपना अलग-अलग महत्व है. जब यह धार्मिक अनुष्ठान के रूप में जुड़ा हुआ था. जब पेट और कूल्हों की गति को समायोजित किया जाता है तब इसका मतलब यह पृथ्वी से जुड़ाव और ऊर्जा के संचार को दर्शाता था. वहीं हाथों की लहर पानी और वायु के तत्वों का प्रदर्शित करता है. बेली डांस हमेशा नंगे पैर किया जाता था ताकि नर्तकी का सीधा संपर्क धरती माता से बना रहे.
बेली डांस नाम कैसे पड़ा
अरब जगत में इसे रक्स शर्की नाम से जाना जाता था. रक्स का मतलब नृत्य और शर्की का मतलब पूर्व,यानी पूर्व से आया नृत्य. लेकिन जब रक्स शर्की का लुत्फ लेने के लिए 19वीं सदी में फ्रांसीसी व्यक्ति मिस्र पहुंचे तो उन्होंने पेट का नाच कहा जिसे फ्रांसीसी भाषा में डेंसू दु व्रेंत्रे कहा जाने लगा. यही अंग्रेजी में बेली डांस बन गया लेकिन अरबी संस्कृति में बेली डांस शब्द को अपमानजनक माना जाता है क्योंकि उनके लिए यह एक संपूर्ण शरीर का शास्त्रीय और लोक नृत्य था. इसलिए उन्होंने अपनी कला की गरिमा बनाए रखने के लिए इसे आधिकारिक तौर पर रक्स शर्की कहना जारी रखा.
आधुनिक बेली डांस
आधुनिक बेली डांस की पहुंच पूरी दुनिया में है. अब हर जगह इस नृत्य को किया जाता है. इसमें शरीर के बीच वाले हिस्से और जांघों पर बारीक नियंत्रण रखा जाता है. 20वीं सदी की शुरुआत में जब यह नृत्य मिस्र के बड़े कैबरे और मंचों जैसे कि कैसीनो ओपेरा पर पहुंचा, तो इसमें क्लासिकल संगीत और अधिक परिष्कृत मुद्राओं को जोड़ा गया. इसमें शरीर के एक हिस्से को स्थिर दूसरे हिस्से के मूवमेंट की तकनीक पर बारीक ध्यान दिया जाता है. आज के डांसर्स केवल ताल पर नहीं नाचते बल्कि वे संगीत के हर बारीक वाद्य यंत्र की आवाज को अपने शरीर की मूवमेंट से दिखाते हैं. इसे म्यूजिक विजुअलाइजेशन कहा जाता है. यह देखने में जितना कोमल लगता है, इसे करने के लिए उतना ही कोर स्ट्रेंथ की जरूरत होती है. आधुनिक समय में इसे एक बेहतरीन वर्कआउट के रूप में भी देखा जाता है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp,आपके सवालों का हम देंगे जवाब.




