दिल्ली में निजी कंपनियों ने अपनाया घर से काम का विकल्प
राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के चलते यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए कई निजी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए घर से काम करने का विकल्प अपनाया है। सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही के कारण नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू किए गए हैं। ऐसे में कंपनियां कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए घर से काम को प्राथमिकता दे रही हैं।
कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को पहले ही सूचना जारी कर दी थी कि सम्मेलन के दौरान कार्यालय आने की आवश्यकता वाले कर्मचारियों की संख्या सीमित रखी जाए। जिन कर्मचारियों का काम घर से किया जा सकता है, उन्हें दूरस्थ कार्य करने की अनुमति दी गई है। इससे कर्मचारियों को संभावित जाम, लंबी यात्रा और सुरक्षा जांच से बचने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान राजधानी के प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। हवाई अड्डे, मध्य दिल्ली और सम्मेलन से जुड़े मार्गों पर वीआईपी आवाजाही के कारण कुछ समय के लिए यातायात रोका या मोड़ा जा सकता है। ऐसे में घर से काम करने की व्यवस्था कंपनियों और कर्मचारियों दोनों के लिए व्यावहारिक विकल्प बन सकती है।
कंपनियों ने ऑनलाइन बैठक, डिजिटल माध्यम से कामकाज और दूरस्थ संपर्क की व्यवस्था को मजबूत किया है। जिन कर्मचारियों की कार्यालय में मौजूदगी जरूरी है, उन्हें यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से भी लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सामान्य जनजीवन को कम से कम प्रभावित करने के लिए सुरक्षा और यातायात एजेंसियां लगातार समन्वय कर रही हैं।
घर से काम की व्यवस्था से कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या कम होने और सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद है। इससे सम्मेलन के दौरान यातायात प्रबंधन में भी कुछ राहत मिल सकती है।




