‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का आज शुभारंभ
पंजाब में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और राज्य की युवा प्रतिभाओं को आगे लाने के उद्देश्य से आयोजित ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सत्र का आज, 5 सितंबर 2026 को बठिंडा से शुभारंभ किया जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शहीद भगत सिंह स्टेडियम में इस खेल आयोजन की शुरुआत करेंगे। आयोजन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं।
इस वर्ष प्रतियोगिता में करीब 10 लाख खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। आयोजन को व्यापक बनाने के लिए कुल 38 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए चार खेलों को भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया गया है। इनमें एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। इस बार 14 वर्ष की आयु से लेकर 70 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। सरकार का उद्देश्य गांवों, कस्बों और शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
प्रतियोगिताओं का आयोजन ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। पहली बार खेल विभाग ने क्यूआर कोड आधारित पंजीकरण व्यवस्था शुरू की है, जिसके माध्यम से खिलाड़ी आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।
राज्य सरकार ने विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कारों की भी व्यवस्था की है। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 10 हजार रुपये, रजत पदक विजेता को 7 हजार रुपये और कांस्य पदक विजेता को 5 हजार रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि इन खेलों के माध्यम से पंजाब के युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य गांव और शहरों से नई खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ अब केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पंजाब में खेल संस्कृति को मजबूत करने का एक बड़ा अभियान बनता जा रहा है। बठिंडा से होने वाला आज का शुभारंभ इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




