विद्यालयों की मरम्मत के लिए समयसीमा तय करने की मांग
दिल्ली के छतरपुर स्थित संजय कॉलोनी के सरकारी विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। विद्यालयों की मरम्मत और जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए 15 सितंबर तक की समयसीमा तय की गई है। चेतावनी दी गई है कि तय समय तक काम शुरू नहीं हुआ तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत संजय कॉलोनी के विद्यालयों का निरीक्षण किया। उनका दावा है कि क्षेत्र के नगर निगम और दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने विद्यालयों में खराब भवन, कचरे की समस्या, उचित फर्श की कमी, शौचालयों की खराब स्थिति तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया है।
सौरव दास के अनुसार, कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बारिश के दौरान विद्यालय परिसर और आसपास का क्षेत्र बच्चों के लिए और अधिक परेशानी वाला हो जाता है। हालांकि, ये आरोप अभियान से जुड़े लोगों के हैं और दिल्ली सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फरवरी में संजय कॉलोनी का दौरा किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उस दौरान विद्यालय की स्थिति सुधारने और नया विद्यालय बनाने का आश्वासन दिया गया था। उनका आरोप है कि करीब छह महीने बाद भी जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि विद्यालय भवनों की मरम्मत जल्द शुरू की जाए, साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारी जाए और विद्यार्थियों को सुरक्षित तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। 15 सितंबर की समयसीमा को लेकर अब सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। यदि निर्धारित अवधि तक काम शुरू नहीं हुआ तो प्रदर्शन की चेतावनी ने दिल्ली में विद्यालयों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस और तेज कर दी है।




