सावन शुरू होने से पहले दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में तैयारियां तेज
सावन मास के शुभारंभ से पहले राजधानी दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समितियां और प्रशासन व्यापक व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। गौरी शंकर मंदिर (चांदनी चौक), प्राचीन शिव मंदिर, कालकाजी क्षेत्र के शिवालयों सहित राजधानी के कई प्रमुख मंदिरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
मंदिर प्रबंधन समितियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता, जूता-घर, प्रसाद वितरण, विश्राम स्थल और कतार प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है तथा प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए जा रहे हैं। मंदिर परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन ने भी सावन और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवेदनशील मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस ने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की है।
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं, जलाभिषेक करते हैं और “बोल बम” के जयकारों के साथ मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। कांवड़िए हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। इसे देखते हुए राजधानी में धार्मिक उत्साह का माहौल बनने लगा है।
मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और प्रशासन के सुरक्षा नियमों का पालन करें। सावन के पहले सोमवार से ही दिल्ली के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।



