पीडब्ल्यूडी ने दावा किया कि राजधानी के लगभग 90% बड़े नालों की सफाई पूरी कर ली गई है
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दावा किया है कि राजधानी के लगभग 90 प्रतिशत बड़े नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। विभाग के अनुसार, मानसून शुरू होने से पहले नालों से बड़ी मात्रा में गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाया गया है, जिससे वर्षा के पानी की निकासी पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि शेष नालों की सफाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्रमुख नालों की नियमित निगरानी की जा रही है। सफाई अभियान के दौरान आधुनिक मशीनों और मानव संसाधनों की सहायता से नालों में जमी गाद को हटाया गया तथा निकाले गए मलबे का समय पर निस्तारण भी सुनिश्चित किया गया। विभाग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के दौरान जलभराव की घटनाओं को कम करना और यातायात को प्रभावित होने से बचाना है।
हालांकि हाल की बारिश के बाद राजधानी के कुछ इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं। इस पर विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा और स्थानीय स्तर पर ड्रेनेज नेटवर्क की समस्याओं के कारण पानी जमा हुआ, लेकिन संबंधित टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर निकासी का कार्य शुरू कर दिया। पीडब्ल्यूडी ने यह भी बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मानसून के पूरे मौसम में नालों की नियमित सफाई और निरीक्षण जारी रखा जाए। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे नालों में कूड़ा-कचरा न फेंकें, क्योंकि इससे जल निकासी बाधित होती है और जलभराव की समस्या बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नालों की समय पर सफाई के साथ-साथ ड्रेनेज व्यवस्था का नियमित रखरखाव किया जाए और नागरिक भी स्वच्छता में सहयोग करें, तो राजधानी में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



