अच्छी खबरें लेकर आया नए साल का पहला दिन, DRDO-ISRO की उपलब्धियों से लेकर गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा से रोशन भविष्य
नई दिल्ली। नए साल का पहला दिन कई लोगों के लिए नए संकल्प और नई उम्मीदों का अवसर होता है। यह अतीत की बुनियाद पर भविष्य की इमारत खड़ा करने का समय होता है। इस लिहाज से देखें तो साल 2026 का पहला दिन लोगों के लिए कुछ ऐसीअच्छी खबरें लेकर आया है, जिसका सरोकार हमारे सुरक्षित भविष्य और भारत की विकास यात्रा से है। इस क्रम में डीआरडीओ और इसरो की उपलब्धियां हमारे भविष्य को आकार देंगी, तो गिग वर्करों को ज्यादा कमीशन सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाएगा।

भारत ने एक ही लांचर से दो प्रलय मिसाइलों का किया सफल परीक्षण
भारत ने बुधवार को ओडिशा के चांदीपुर में स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी तौर पर विकसित ‘प्रलय’ मिसाइलों के लगातार दो सफल परीक्षण किए। इस परीक्षण में डीआरडीओ ने एक ही मोबाइल लांचर से दो मिसाइलों को बैक-टू-बैक फायर किया। युद्धकी स्थिति में यह तकनीक गेम चेंजर साबित होती है।
जब दुश्मन की तरफ एक साथ दो या उससे ज्यादा मिसाइलें एक ही लक्ष्य या अलग-अलग लक्ष्यों की ओर बढ़ती हैं तो दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम (रक्षा प्रणाली) के लिए उन्हें एक साथ रोकना मुश्किल हो जाता है। अगर दुश्मन एक मिसाइल को रोकने की कोशिश करता है तो दूसरी मिसाइल अपना काम कर जाती है।
प्रलय का यह ‘डबल अटैक’ दुश्मन के बंकरों, एयरबेस और रणनीतिक ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखता है। पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित प्रलय’ मिसाइल भारत की आत्मनिर्भरता का एक बेहतरीन नमूना है। इसकी प्रमुख खूबियां इसे दुनिया की दमदार मिसाइलों की कतार में खड़ा करती हैं। प्रलय मिसाइल को डीआरडीओ की हैदराबाद में स्थित प्रयोगशाला ने विकसित किया है।




