साइबर क्राइम पुलिस आउटर-नॉर्थ ने फेक स्टॉक ट्रेडिंग ऐप गिरोह का भंडाफोड़ किया, दो आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
Cyber Crime Police Outer-North busts fake stock trading app racket, arrests two accused from Gujarat
संवाददाता नितिन जैन
₹11.20 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, डिजिटल सबूत बरामद
दिल्ली के आउटर-नॉर्थ जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुजरात के साबरकांठा जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी “Blinkxmax” नामक फेक ट्रेडिंग ऐप के ज़रिए निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे।
🔍 मामला कैसे शुरू हुआ
13 मई 2025 को NCRP पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज हुई थी, जिसमें एक पीड़ित ने ₹11.20 लाख की ठगी की सूचना दी।
पीड़ित को फेसबुक ग्रुप्स पर झूठे मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर 5–10% दैनिक रिटर्न का लालच दिया गया था। शिकायत की पुष्टि के बाद FIR दर्ज की गई और जांच साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन आउटर-नॉर्थ ने शुरू की।
👮♂️ पुलिस टीम और ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें
SI अमित अहलावत, HC रमन सिंह (IO), HC मनदीप और HC पवन शामिल थे।
यह टीम इंस्पेक्टर गोविंद सिंह (SHO/Cyber/OND) के नेतृत्व में,
ACP दिनेश कुमार, DCP हरेश्वर स्वामी (IPS) और
Joint CP विजय सिंह (IPS) की निगरानी में काम कर रही थी।
पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फाइनेंशियल एनालिसिस के बाद
गुजरात के गांव गधा (जिला साबरकांठा) में छापा मारा और
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
🧾 गिरफ्तार आरोपी
1️⃣ जाबिर हुसैन (38 वर्ष) पुत्र उस्मानभाई, निवासी गधा, हिम्मतनगर, साबरकांठा, गुजरात
2️⃣ माज़ अरोडिया (30 वर्ष) पुत्र इक़रामुलहक, निवासी गधा, हिम्मतनगर, साबरकांठा, गुजरात
📱 बरामद सामग्री
02 मोबाइल फोन
01 पासबुक
02 डेबिट कार्ड
01 चेक बुक
💻 ठगी का तरीका (Modus Operandi)
आरोपी फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन बनाकर सोशल मीडिया पर प्रचार करते थे।
लोगों को झूठे मुनाफे दिखाकर उनके बैंक अकाउंट में पैसा डलवाते थे।
बाद में यह रकम कई खातों के ज़रिए लेयरिंग कर छिपाई जाती थी,
जो अंततः गुजरात और महाराष्ट्र के खातों में पहुंच जाती थी।
🕸️ अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी तीन अन्य NCRP शिकायतों से भी जुड़े हैं, जिनमें समान बैंक खाते और मोबाइल नंबर उपयोग किए गए थे।
इससे एक बड़े इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
⚠️ पुलिस की अपील
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि —
“किसी भी अनजान ट्रेडिंग ऐप या सोशल मीडिया लिंक से निवेश न करें।
सिर्फ SEBI द्वारा मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही ट्रेडिंग करें।
किसी संदिग्ध लिंक या ऐप की शिकायत तुरंत www.cybercrime.gov.in या 1930 पर करें।”
📢 जांच जारी है
साइबर पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।
🔍 मामला कैसे शुरू हुआ



