सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने साइबरस्पेस और एम्फीबियस ऑपरेशंस के लिए संयुक्त सिद्धांतों के सार्वजनिक संस्करण जारी किए
CDS General Anil Chauhan releases public versions of Joint Doctrines for Cyberspace and Amphibious Operations
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 7 अगस्त 2025 को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी की बैठक के दौरान साइबरस्पेस ऑपरेशंस और एम्फीबियस (जल-थल) ऑपरेशंस के लिए संयुक्त सिद्धांतों के अवर्गीकृत संस्करणों को औपचारिक रूप से जारी किया।
🎯 उद्देश्य:
इन सिद्धांतों का सार्वजनिक रूप से जारी होना भारत की संयुक्त युद्ध रणनीति में पारदर्शिता, सामूहिकता और समन्वय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
🔐 साइबरस्पेस ऑपरेशंस के लिए संयुक्त सिद्धांत
यह दस्तावेज़ तीनों सेनाओं के बीच समन्वयित साइबर रणनीति के निर्माण की नींव रखता है:
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा हितों की रक्षा
आक्रामक और रक्षात्मक साइबर क्षमताओं का एकीकरण
खतरे-आधारित योजना और वास्तविक समय खुफिया का उपयोग
संयुक्त साइबर क्षमताओं का विकास
🌊 एम्फीबियस (जल-थल) ऑपरेशंस के लिए संयुक्त सिद्धांत
इस सिद्धांत का लक्ष्य तटीय और द्वीप क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाना है:
थल, जल और वायु सेना की अंतर-संचालनीयता (interoperability)
त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताएं
संयुक्त बल प्रयोग के लिए एकीकृत रणनीति
🚀 आगे की दिशा: आधुनिक युद्ध के लिए नई प्राथमिकताएं
जनरल चौहान ने संकेत दिया कि आने वाले समय में कई और समकालीन युद्धक्षेत्रों के लिए संयुक्त सिद्धांत विकसित किए जा रहे हैं:
सैन्य अंतरिक्ष अभियान
विशेष बल ऑपरेशंस
हेलीबोर्न/हवाई हमले
एकीकृत रसद
बहु-क्षेत्रीय अभियान (Multi-Domain Operations)
इन सिद्धांतों से न केवल सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा, बल्कि यह नीति निर्माताओं और रणनीतिक योजनाकारों के लिए साझा शब्दावली और मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।




