अल्फाज़ सितारे जैसे’: अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की पहली कविता-संग्रह बनी मील का पत्थर

मालवी मल्होत्रा की किताब 'अल्फाज़ सितारे जैसे' | एक अभिनेत्री से लेखिका बनने का सफर

मुंबई (अनिल बेदाग) :

Malvi Malhotra: अभिनय से लेखन तक का सफर

मालवी मल्होत्रा, जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है, अब लेखिका के रूप में अपनी पहली किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ के साथ साहित्यिक दुनिया में नई पहचान बना रही हैं। यह पुस्तक न केवल एक कविता और ग़ज़ल संग्रह है, बल्कि उनकी कला के प्रति निष्ठा और आत्मा की अभिव्यक्ति का एक सुंदर उदाहरण भी है।

किताब की प्रेरणा: जावेद अख्तर से मिली दिशा

मालवी ने बताया कि वह शुरू से ही गीतकार जावेद अख्तर से प्रेरित रही हैं, और उन्हीं के शब्दों ने उन्हें कविता लिखने के लिए प्रेरित किया। दिलचस्प बात यह है कि एक वायरल वीडियो में मालवी की किताब, जावेद अख्तर की किताब के ठीक बगल में रखी दिखती है—जो उनके लिए एक भावनात्मक और गर्व भरा क्षण था। “अपनी किताब को अपनी प्रेरणा की किताब के बगल में देखना वाकई एक ख़ास एहसास है।” – मालवी मल्होत्रा

अल्फाज़ सितारे जैसे’ – क्या है खास?

  • प्रकाशन: राजकमल प्रकाशन

  • विमोचन: 6 फरवरी 2025, विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली

  • शैली: ग़ज़लें, कविताएं (हिंदी और उर्दू)

  • कविताओं की संख्या: 105+

  • विशेषता: सभी ग़ज़लें गायन योग्य हैं

  • बिक्री की स्थिति: 3,000+ प्रतियाँ बिक चुकी हैं

  • समीक्षाएँ: बेहद सकारात्मक और सराहनीय


📈 तेजी से बढ़ती लोकप्रियता

मालवी की इस पुस्तक को पाठकों और साहित्य प्रेमियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। ग़ज़लों की शायरी में जो भावनात्मक गहराई और संगीतात्मकता है, उसने युवाओं और संगीत प्रेमियों को आकर्षित किया है।

‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ सिर्फ एक कविता-संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसी अभिनेत्री की भावनाओं का दर्पण है, जिसने अपनी रचनात्मकता को शब्दों के माध्यम से पिरोया है। यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों, संगीतकारों और ग़ज़ल प्रेमियों के लिए एक मूल्यवान उपहार है। मालवी मल्होत्रा का यह कदम निश्चित रूप से अन्य कलाकारों को भी प्रेरित करेगा कि वे अपनी कला के नए आयाम तलाशें।

Related Articles

Back to top button