भाजपा-झामुमो में न दोस्ती का ऐलान, न दुश्मनी का इजहार; झारखंड की राजनीति में क्या चल रहा?

नई दिल्ली। झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद पैदा हुई हलचल सिर्फ महागठबंधन के भीतर की खींचतान तक सीमित नहीं रह गई है। इसके बहाने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भाजपा के रिश्तों को लेकर भी नए सवाल उठने लगे हैं।

महागठबंधन में बेचैनी है, जबकि भाजपा इंतजार और संयम की रणनीति पर चलती दिख रही है। सियासी घटनाएं बता रही हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कांग्रेस को बैकफुट पर रखते हुए अपनी संभावनाओं का दायरा बढ़ाना चाह रहे हैं। भाजपा का रुख भी झामुमो के प्रति टकराव का नहीं है।

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