जुलाई में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरे पर जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जुलाई महीने में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के महत्वपूर्ण दौरे पर जाने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रस्तावित यात्रा को भारत की “एक्ट ईस्ट” नीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय और संबंधित देशों के अधिकारियों के बीच इस दौरे को लेकर तैयारियां और कूटनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देना होगा। भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार हैं तथा दोनों देश समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, शिक्षा, ऊर्जा और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देश क्वाड (QUAD) समूह के सदस्य हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
वहीं, न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान व्यापार, कृषि, डेयरी उद्योग, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह संभावित तीन देशों का दौरा भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को नई मजबूती देगा। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा तथा व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग के नए अवसर खुलेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद इस यात्रा के विस्तृत एजेंडे की जानकारी सामने आएगी।




