दिल्ली में 93 हजार स्ट्रीट लाइटों के आधुनिकीकरण की योजना, सुरक्षा और ऊर्जा बचत पर होगा विशेष जोर
राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और शहर को अधिक सुरक्षित एवं ऊर्जा-कुशल बनाने के उद्देश्य से लगभग 93 हजार स्ट्रीट लाइटों के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस पहल के तहत पुरानी और अधिक बिजली खपत करने वाली स्ट्रीट लाइटों को आधुनिक एलईडी आधारित स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से बदला जाएगा। दिल्ली सरकार और संबंधित नागरिक एजेंसियों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि शहर की सड़कों पर रोशनी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
अधिकारियों के अनुसार, राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में लगी कई स्ट्रीट लाइटें वर्षों पुरानी हो चुकी हैं, जिनके रखरखाव पर अधिक खर्च आता है और वे पर्याप्त रोशनी भी नहीं दे पातीं। नई योजना के तहत अत्याधुनिक एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी, जो कम ऊर्जा में अधिक प्रकाश प्रदान करेंगी। इससे नगर निकायों के बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करना भी है। बेहतर प्रकाश व्यवस्था से रात के समय सड़कों, बाजारों, पार्कों और आवासीय क्षेत्रों में दृश्यता बढ़ेगी, जिससे अपराध की घटनाओं पर नियंत्रण लगाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित और सुचारु होने की उम्मीद है।
परियोजना के अंतर्गत कई स्थानों पर स्मार्ट निगरानी प्रणाली से जुड़ी स्ट्रीट लाइटें लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे खराब होने वाली लाइटों की जानकारी तुरंत मिल सकेगी और मरम्मत कार्य में तेजी आएगी। अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू किया जाएगा ताकि शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दिल्ली को स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। नागरिकों को उम्मीद है कि बेहतर रोशनी से उनकी सुरक्षा, सुविधा और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।



