जुलाई 2026 में भारतीय रेलवे की माल ढुलाई में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अर्थव्यवस्था को मिला मजबूती का संकेत
भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक, इस्पात और कंटेनर कार्गो सहित विभिन्न श्रेणियों की ढुलाई में बढ़ोतरी देखने को मिली। अधिकारियों का कहना है कि यह वृद्धि देश में औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास की रफ्तार को दर्शाती है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, माल ढुलाई में हुई बढ़ोतरी से रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। सरकार का लक्ष्य रेलवे को केवल यात्री परिवहन तक सीमित न रखते हुए देश की सबसे मजबूत माल परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करना है। इसके लिए समर्पित माल गलियारों (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर), आधुनिक माल टर्मिनलों और डिजिटल लॉजिस्टिक्स सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क परिवहन की तुलना में रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई अधिक किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है। इससे ईंधन की बचत होती है, कार्बन उत्सर्जन कम होता है और बड़े पैमाने पर माल को कम लागत में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि उद्योग जगत भी अब रेलवे के जरिए माल परिवहन को प्राथमिकता दे रहा है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हाल के वर्षों में मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ाने, समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने और आधुनिक ट्रैकिंग प्रणाली लागू करने से ग्राहकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसके अलावा निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स पार्कों के विकास से भी माल परिवहन को नई गति मिली है।
सरकार का मानना है कि आने वाले महीनों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, औद्योगिक उत्पादन और कृषि क्षेत्र की बढ़ती मांग के चलते माल ढुलाई में और वृद्धि हो सकती है। रेलवे ने वर्ष 2026-27 के लिए माल परिवहन क्षमता बढ़ाने तथा नई तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर देने की रणनीति तैयार की है। विशेषज्ञों के अनुसार, माल ढुलाई में लगातार हो रही वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।




