ट्रैफिक पुलिस को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह पर शिकंजा, एमसीओसीए के तहत कार्रवाई तेज, सातवीं गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के तहत जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में मामले में एक और आरोपी की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर उनसे धन उगाही कर रहा था।
जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले ट्रैफिक जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ बातचीत या कार्रवाई का वीडियो गुप्त रूप से रिकॉर्ड करते थे। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने या झूठे आरोप लगाने की धमकी देकर पुलिसकर्मियों से मोटी रकम की मांग की जाती थी। कई मामलों में गिरोह ने सरकारी कर्मचारियों की छवि खराब करने का डर दिखाकर अवैध वसूली की कोशिश की।
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया। पुलिस का दावा है कि यह कोई सामान्य ब्लैकमेलिंग का मामला नहीं, बल्कि संगठित अपराध का हिस्सा है। इसी वजह से आरोपियों के खिलाफ एमसीओसीए की धाराएं लगाई गई हैं, जिनके तहत संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सातवें आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे गिरोह के संचालन के तरीके और उसके आर्थिक नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर अवैध लाभ कमाने वाले किसी भी संगठित गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि इस तरह की किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।




