गांवों के लिए ‘गेमचेंजर’ बनी स्वामित्व योजना: गुजरात ने पेश किया रोल मॉडल, खत्म हुए पीढ़ियों के विवाद
अहमदाबाद। पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जो बड़े कदम उठाए हैं, उनमें ‘प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना’ एक ‘गेमचेंजर’ के रूप में सामने आई है। दशकों से गांवों में आवासीय संपत्तियों के सटीक कागजात न होने के कारण ग्रामीण अपने ही घरों के कानूनी अधिकारों और वित्तीय लाभों से वंचित थे।
आज इस योजना के ज़रिए न सिर्फ ग्रामीणों को उनका असली हक मिल रहा है, बल्कि इस महाअभियान में गुजरात ने पूरे देश में ‘नंबर 1’ बनकर एक नया इतिहास भी रच दिया है। राज्य की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि योजना के दूसरे चरण में देश भर में जितने भी प्रॉपर्टी कार्ड बने हैं, उनमें से आधे से अधिक (50% से ज्यादा) की हिस्सेदारी अकेले गुजरात की रही है।





