संसद में पंजाब के बजाय समोसे की बात करते हैं राघव चड्ढा, उपनेता पद से हटाए जाने के विवाद पर बोले CM भगवंत मान

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर जमकर निशाना साधा है। राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने और उनके द्वारा जारी किए गए वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम मान ने स्पष्ट किया कि चड्ढा ने संसद में कभी भी पंजाब के असली मुद्दे नहीं उठाए। मुख्यमंत्री का यह कड़ा बयान ऐसे समय में आया है, जब आम आदमी पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह और राघव चड्ढा को किनारे किए जाने की खबरें सियासी गलियारों में लगातार सुर्खियों में हैं।

संसद में समोसे की चर्चा, लेकिन रोके गए फंड पर साधी चुप्पी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों द्वारा राघव चड्ढा के वीडियो के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राघव किसी अन्य स्टेशन (मंच) से बोले हैं, इसलिए इस बात का जवाब भी वही बेहतर तरीके से दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि एक सांसद के रूप में राघव चड्ढा ने कभी भी पंजाब के हकों की बात नहीं की। मान ने सीधा आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के रोके गए हजारों करोड़ रुपये के फंड के बारे में राघव ने संसद में कभी कोई सवाल नहीं पूछा, लेकिन समोसे जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को संसद में जरूर उठाया।

पार्टी लाइन से बाहर जाने वालों पर होती है सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने पार्टी के अंदरूनी फैसलों का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि संसद में नेता और उपनेता बदलना एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर इस तरह के संगठनात्मक बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं। इसके साथ ही सीएम मान ने एक बड़ा इशारा करते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई भी नेता पार्टी लाइन से अलग होकर चलता है या अनुशासनहीनता करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होती है।

अमन अरोड़ा समेत अन्य मंत्रियों का पेश किया रिपोर्ट कार्ड

गौरतलब है कि इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी मौजूद थे। सीएम मान ने इस मौके पर पिछले चार वर्षों के दौरान अमन अरोड़ा के विभाग द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बता दें कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री राज्य के चार-पांच अन्य मंत्रियों के विभागों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने पेश कर चुके हैं।

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